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तृणमूल कांग्रेस का शेख़ शाहजहान चुन-चुन कर हिन्दू महिलाओं पर करता अत्याचार

शेख़ शाहजहान और उसके सहयोगियों द्वारा छेड़छाड़ के डर से संदेशखाली की हिन्दू महिलाएँ सूर्यास्त के बाद अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाती थीं

तृणमूल कांग्रेस के कथित ग़ुंडे शेख़ शाहजहान अंग्रेज़ी और बांग्ला माध्यम की ख़बरों में सुर्खियों में है, पर अब तक हिन्दी ख़बरों में इस दरिंदे की वहशी करतूतों की कहानियाँ कम ही आई हैं। गुरुवार 8 फरवरी से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के संदेशखाली के कई इलाक़े उबाल पर हैं। स्थानीय जनता, विशेषकर महिलाएँ, फ़रार तृणमूल कांग्रेस नेता और ममता बनर्जी के क़रीबी सहयोगी शेख़ और दो अन्य की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आई हैं। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता शिबू प्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार शेख़ के करीबी माने जाते हैं।

गुरुवार 8 फरवरी को संदेशखाली की सैकड़ों महिलाएँ झाड़ू, लाठी और खेती के औज़ार लेकर सड़कों पर उतर आईं और सड़कों को जाम कर दिया। शेख़ और उनके दो सहयोगियों हाजरा और उत्तम सरदार के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के अफ़सरों पर हमले से पहले भी काफ़ी समय से विशेषकर स्थानीय अल्पसंख्यक हिन्दू महिलाओं पर अत्याचार किया है।

ममता बनर्जी का क़रीबी सहयोगी शेख़ 5 जनवरी को उत्तर 24 परगना ज़िले के संदेशखाली में निदेशालय और Central Armed Police Forces (CAPF) के कर्मियों पर हमले का कथित सरगना है और तब से फ़रार है। शुक्रवार (9 फरवरी) को उत्तर 24 परगना के संदेशखाली इलाक़े और उसके आसपास महिलाओं के नेतृत्व में गुस्साए ग्रामीणों द्वारा शेख़ जैसे तृणमूल कांग्रेस नेताओं की संपत्तियों पर हमला करने के बाद तनाव बढ़ गया। शेख़ के विश्वासपात्र और तृणमूल कांग्रेस नेता हाजरा के पोल्ट्री फ़ार्म पर भी हमला हुआ।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पोल्ट्री फ़ार्म ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से हथियाई हुई ज़मीन पर बनाया गया था। उनका आरोप है कि आगे पोल्ट्री फ़ार्म कई अवैध कार्यों का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने कई अन्य उदाहरण बताए जहाँ शेख़ और उसके सहयोगियों ने ग़रीब ग्रामीणों से ज़बरदस्ती ज़मीनें हड़प लीं।

संदेशखाली की एक महिला ने तृणमूल कांग्रेस के शासन में महिलाओं की दुर्दशा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि

वे जिस महिला को चुनते हैं, उसके साथ रात-रात भर अत्याचार करते हैं और उसे तभी छोड़ते हैं जब वे ‘संतुष्ट’ हो जाते हैं।

संदेशखाली निवासी अर्चना नस्कर ने कहा कि सरदार और हाजरा ने अपनी मछली पालन चलाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि हड़प ली है। नस्कर ने आरोप लगाया कि

उन्होंने लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों से वंचित कर दिया और हमें MGNREGS (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत पैसा नहीं दिया।

एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि

ज़मीन हड़पने के अलावा उन्होंने ग्रामीणों को उनके द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों में निःशुल्क श्रम प्रदान करने के लिए भी मजबूर किया। शेख़ के सहयोगियों द्वारा छेड़छाड़ के डर से क्षेत्र की महिलाएँ सूर्यास्त के बाद अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाती थीं।

शनिवार (10 फरवरी) को रिपब्लिक बांग्ला से बात करते हुए संदेशखाली के एक निवासी ने बताया कि

तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता गाँव में आते थे और सुंदर महिलाओं’ को चुनते थे। ये लोग युवा महिलाओं की तलाश करते थे और उनके परिवारों को आदेश देते थे कि अपने घरों की महिलाओं को उनकी सेवा में भेजें!

हमारे पति भी कुछ नहीं कर सकते, अपने अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकते। उनकी पत्नी को ये ग़ुंडे कई रातों के लिए अपने साथ ले जायेंगे। वे महिलाओं को तब तक अपनी क़ैद से नहीं छोड़ेंगे जब तक वे ‘पूरी तरह संतुष्ट’ नहीं हो जाते। उनके साथ 20-30 गुंडे आते थे। वे मोटरसाइकिल से आते थे और गाँव में अपना दबदबा क़ायम करते थे।

एक अन्य महिला ने बताया कि

मेरा भी यही अनुभव है। वे रात में महिलाओं को जबरन पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) कार्यालय में ले जाते थे और सुबह ही उन्हें मुक्त करते थे।

रिपब्लिक टीवी पर पहली महिला साक्ष्य चैनल की महिला रिपोर्टर से बोलती हैं कि

आप एक महिला हैं। आप जानती हैं कि रात में पार्टी कार्यालय में किस तरह की बैठक होती है।

एक महिला ने बताया कि

उनका प्राथमिक लक्ष्य महिलाएँ हैं। हमें अपने पति और बच्चों को छोड़कर उनके साथ जाने को मजबूर किया जाता है।

एक अन्य महिला ने कहा कि

सुबह होने तक हम सुरक्षित नहीं हैं।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने X पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की रहने वाली एक स्थानीय महिला तृणमूल कांग्रेस के ग़ुंडों के हाथों स्थानीय महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में बताती हुई सुनाई दे रही है। वे इस बात पर अफसोस जताती हैं कि कैसे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल पर 20-30 के समूह में आते हैं और सबसे पहले वे इलाक़े की हर महिला की जाँच करते हैं। वे सबसे कम उम्र की और सबसे अच्छी दिखने वाली महिला को चुनते हैं और उसे अपने साथ ले जाते हैं। रात-रात भर महिला के साथ बलात्कार करते हैं और उसे तभी छोड़ते हैं जब वे ‘संतुष्ट’ हो जाते हैं।

महिला शेख़ और उसके आदमियों द्वारा पड़ोस में फैलाए गए आतंक और घबराहट पर कहती है कि भले ही जिस महिला पर उनकी नज़र है वह शादीशुदा हो, उसके पति को उस पर कोई अधिकार नहीं है —

हमारी कोई सुरक्षा नहीं है। ये ग़ुंडे अपनी पसंद की किसी भी महिला को ले लेते हैं; कोई भी इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता।

इस बीच शेख़ के समर्थक भी सड़कों पर उतर आए और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया जो तृणमूल कांग्रेस नेता और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्होंने गाँव की महिला प्रदर्शनकारियों पर भी हमला किया।

पर यह ग़ुंडा शेख़ शाहजहान किसकी शह पर इतना भयंकर बना? बरसों से बंगाल में हिन्दू हिट के लिए काम करने वाले सक्रिय प्रतिभागी (activist) दिप्तास्य जश का कहना है कि यह आदमी दरअस्ल बंगलादेशी घुसपैठिया है जिसके दो साथी कम्यूनिस्ट शासन व्यवस्था के लिए ग़ुंडागर्दी किया करते थे। लेकिन मुसलमान-परस्त कम्युनिस्ट तंत्र में भी मुसलमानों पर हल्का सा लगाम कसा हुआ था जो तृणमूल शासन के तहत बेलगाम हो गया।

पर स्थानीय पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के ग़ुंडों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के बजाय कुछ स्थानीय ग्रामीणों को गिरफ़्तार कर लिया है जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए हैं और संदेशखाली पुलिस स्टेशन के बाहर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह तब तक जारी रहेगा जब तक शेख़ और उसके सहयोगियों को गिरफ़्तार नहीं किया जाता।

पुलिस अधीक्षक हुसैन मेहेदी रहमान ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में बल भेजे गए हैं। एसपी ने कहा कि ग्रामीणों ने गुरुवार को शेख़ और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई, पुलिस शिकायत की जाँच कर रही है और उन्हें ढूंढने के लिए तलाशी अभियान चला रही है।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून एवं व्यवस्था) मनोज वर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से क़ानून को अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह किया।

दर्ज की गई सभी शिकायतों की जांच चल रही है और कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर कोई क़ानून अपने हाथ में लेगा तो क़ानून अपना काम करेगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

शनिवार 10 फरवरी तक जन आंदोलन के तीसरे दिन तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर काम कर रही स्थानीय पुलिस ने संदेशखाली के विभिन्न क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी और संदेशखाली-I और संदेशखाली-II के दो ब्लॉकों में फैली 16 पंचायतों में इंटरनेट के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

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1 comment

  1. […] परवाह नहीं होती है। महिलाओं को भगोड़े शेख़ शाहजहान के ग़ुंडों द्वारा निशाना बनाया जाता […]

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