HomeArchivesनाम सोमराजन, पत्नी परेरा, गया था मस्जिद, मिली लाटरी

नाम सोमराजन, पत्नी परेरा, गया था मस्जिद, मिली लाटरी

हिन्दू नाम के व्यक्ति का मस्जिद जाते ही क़िस्मत चमक जाना दरअस्ल इस्लाम का परोक्ष विज्ञापन है; ध्यान दीजिए कि रंजीत इससे पहले एक दुखी व्यक्ति था

आज मीडिया में एक स्टोरी ख़ूब चल रही है। केरल के रंजीत सोमराजन नाम का व्यक्ति रोज़ी-रोटी के चक्कर में UAE जाता है और आजीविका के संघर्ष में डूबा उसका घिसा-पिता जीवन एक दिन चमक उठता है जब उसकी करोड़ों की लाटरी लग जाती है। लेकिन यह रंक से राजा बनने की स्टोरी नहीं है।

इस बीच उसकी शादी जिस महिला से होती है उसकी पदवी है परेरा अर्थात रंजीत की पत्नी ईसाई है। शादी के बाद भी वह सोमराजन नहीं बनती। लेकिन हैरान करने वाली बात यह भी नहीं है।

मीडिया की कहानी में कम से कम दो बार सोमराजन के मस्जिद से निकलने की बात कही गई है। कुछ ईसाइयों के धर्म परिवर्तन के बाद भी हिन्दू नाम होते हैं, लेकिन मुसलमानों के साथ ऐसा नहीं होता। इसलिए सवाल यह उठता है कि सोमराजन क्या छद्मनाम है? यदि नहीं तो वह हिन्दुओं के लिए वर्जित मस्जिद में क्या कर रहा था?

इस परेशान करने वाली ख़बर को चलाने वाली मीडिया websites ने इन विस्मयकारी बातों से कहानी की सुर्खी नहीं बनाई, जिससे कुछ पाठकों ने यह सवाल उठाया कि यह हवाला कांड तो नहीं? सारे के सारे नाम फ़र्ज़ी तो नहीं?

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नहीं! इस स्टोरी के द्वारा यह सन्देश दिया गया है कि मस्जिद जाना सवाब (पुण्य) का काम है। हिन्दू आदमी भी मस्जिद जाए तो उसके अच्छे परिणाम होते हैं! इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि यह आदमी हिन्दू जीवन जीते समय परेशान रहा करता था और मस्जिद जाते ही उसकी क़िस्मत चमक गई! यह साफ़-साफ़ इस्लाम की तरफ़ हिन्दुओं को आकृष्ट कर के उनको मुसलमान बनाने की साज़िश है।

News18 हिन्दी के अनुसार “उनके लॉटरी के लिए खरीदे टिकट नंबर 349886 को अबू धाबी के बिग टिकट ड्रॉ (Abu Dhabi Big Ticket Draw) में पहला पुरस्कार मिला, टिकट ड्रा में पहला पुरस्कार 20 मिलियन दिरहम (20 Million Dirham) यानि लगभग 40 करोड़ रुपए का था। रंजीत ने बताया कि शनिवार को वह अपनी पत्नी संजीवनी परेरा (Sanjivani Perera) और अपने बेटे निरंजन (Niranjan) के साथ हट्टा (Hatta) से लौट रहे थे। उस दौरान जब वह ट्रैफिक सिग्नल (Traffic Signal) पर रुके तो दूसरा और तीसरा पुरस्तार जीतने वाले टिकट नंबर की घोषणा हो रही थी। उन्होंने आगे बताया कि वह उसके बाद आगे बढ़े और सब्जी मंडी की तरफ जाने लगे, जिसके रास्ते में एक मस्जिद पड़ती है। उन्होंने मस्जिद की और देखकर खुदा से कहा कि मैं फिर एक बार लॉटरी जीतने से चूक गया।”

“आयोजकों ने फेसबुक (Facebook) पर सोमराजन के लिए एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें लिखा, ‘भारत के रंजीत सोमराजन के टिकट नंबर 349886 पर पहला पुरस्कार जीतने के लिए बधाई। उन्होंने द माइटी 20 मिलियन सीरीज 229 (The Mighty 20 Million Series 229 में एईडी 20 मिलियन दिरहम (AED 20 Million Dirham) जीते हैं।”

Daily Hunt द्वारा लोगों तक पहुँचने वाली Times Now की स्टोरी में भी कहानी के पात्रों के विचित्र परिचय पर रौशनी नहीं डाली गई।

यदि टाइम्स ग्रुप जैसी प्रतिष्ठित मीडिया कंपनी इस लव जिहाद के परोक्ष विज्ञापन में शामिल हैं तो समझा जा सकता है कि इस्लामी शक्तियों का प्रभाव कहाँ तक फैला हुआ है। परंतु देश के बड़े-बड़े व्यापारी समाजविरोधी व अधार्मिक कार्य क्यों कर रहे हैं? इसकी जाँच होनी चाहिए और इन तत्त्वों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। जब तक देश का तंत्र जागे, तब तक हिन्दू समुदाय तो कम से कम जाग जाए!

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