Sunday, 25 February 2024
Donate: eazypay.579911183@icici
HomeTheologyअयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को ही क्यों

अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को ही क्यों

अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया जा रहा है और श्रीराम की मूर्ति स्थापित करने के 84 सेकंड वाले शुभ समय का आरंभ 12:29 मिनट एवं 8 सेकंड होगा और अंत 12:30 मिनट 32 सेकंड पर

भगवान् राम को मंदिर में विराजमान करने के लिए 22 जनवरी 2024 का दिन ही क्यों चुना गया, अयोध्या-संबन्धित अन्य विषयों के साथ-साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है। क्या इसलिए कि शासक वर्ग को इसका राजनैतिक लाभ मिलेगा? आलोचकों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय थियरी यही है हालांकि देश में लोकतन्त्र का इतिहास बताता है कि चुनावों में वादों से जितना  लाभ होता है, वादे पूरा करने पर उतना लाभ नहीं मिलता। अतः ठोस कारण कुछ और होगा और उस कारण की तरफ़ ज्योतिष शास्त्र संकेत करता है।

इस दिन राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकेंड का अत्यंत शुभ मुहूर्त रहेगा। लेकिन ऐसे मुहूर्त तो आगे भी आते रहेंगे! फिर इस शुभ कार्य के लिए 22 जनवरी 2024 की तिथि को ही क्यों चुना गया?

अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन हेतु फिर न आता ऐसा समय

अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया जा रहा है और श्रीराम की मूर्ति स्थापित करने के 84 सेकंड वाले शुभ समय का आरंभ 12:29 मिनट एवं 8 सेकंड होगा और अंत 12:30 मिनट 32 सेकंड पर। राम लल्ला की स्थापना के बाद महापूजा और महाआरती होगी।

पंचांग के अनुसार 22 जनवरी को पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। नक्षत्र मृगशिरा व योग ब्रह्म प्रातः 8:47 तक है, तत्पश्चात इन्द्र योग लगेगा।

ज्योतिष मत यह है कि इस 22 जनवरी को कर्म द्वादशी है जो भगवान् विष्णु को समर्पित है। इस दिन विष्णु ने कूर्म (कछुए) का रूप धारण कर मंदार पर्वत को अपनी पीठ पर सहारा दिया था जिससे समुद्र मंथन संभव हुआ। श्रीराम विष्णु के ही अवतार हैं। इसलिए इस दिन को राम मंदिर के उद्घाटन के लिए बेहद शुभ माना गया और इसी दिन को अयोध्या के मंदिर के उदघाटन के लिए चुना गया। लेकिन कारण यहीं समाप्त नहीं होते।

इस तिथि को तीन अन्य शुभ योग बन रहे हैं — सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग। इन तीन योगों के मिलन से कार्य का सम्पन्न होना सुनिश्चित हो जाता है क्योंकि ये योग प्रत्येक बाधा को काट देते हैं। इस वर्ष मंदिर का सम्पूर्ण निर्माण जब तक समाप्त होगा, चार-चार शुभ योगों वाली तिथि नहीं मिलेगी। चूँकि अयोध्या में राम मंदिर की पुनर्स्थापना का हिन्दू समुदाय का सपना लगभग 500 वर्षों के संघर्ष के बाद साकार हो रहा है, विशेषज्ञों ने यह परामर्श दिया कि 22 जनवरी 2024 की तिथि कार्य के लिए सर्वोत्तम है।

स्वधर्म को उपरिलिखित जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों से प्राप्त हुई।

Swadharma
Swadharmahttps://swadharma.in/
Swadharma is a one-stop web destination for everything Hindu. We will cover history, theology, literature and rituals of all sects of Hinduism one by one besides news of the state of the Hindu community worldwide through videos, podcasts, reports and articles.

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Expositions

Bhojshala battle begins: Hindu history dated CE 1000

A historical guide to Bhojshala in Dhar of Madhya Pradesh where Hindus have been reclaiming a Saraswati yajnashala from Muslims who turned it into a mosque

विष्णु मूर्ति जिसे म्लेच्छों से बचाने जलसमाधि दी गई

जब बहमनी सुल्तान ने यहाँ के मंदिर पर आक्रमण किया तो विष्णु मूर्ति एवं शिवलिंग को म्लेच्छों द्वारा खण्डित होने से बचाने के लिए इन्हें जलसमाधि दे दी गई

ज्ञानवापी ब्रिटिश प्रशासन, विदेशी विशेषज्ञों की नज़र में

ज्ञानवापी के चलते उत्तर भारत में हुए सांप्रदायिक दंगे, बिशप रेजिनल्ड हेबर के साक्ष्य, पुरातत्त्वविद एमए शेरिंग के तर्क, इतिहासकार एडविन ग्रीव्स के लेखन पर लेख

मौनी अमावस्या व्रत का पालन क्यों, कैसे करें

वैसे अमावस्या विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश आदि के लिए शुभ नहीं होता, पर पूर्वजों की सद्गति हेतु पूजा, हवन और यहाँ तक कि पिंडदान भी मौनी अमावस्या को किया जाना चाहिए

Know how ‘putra’ in mantra is not necessarily a son

Based on either scriptures or Sanskrit vocabulary, the contention that seeking a putra or praying for the well-being of one shows a gender bias is misplaced

वाल्मीकि रामायण के 9 श्लोक जिनका मंत्र-समान प्रयोग हो सकता है

वाल्मीकि रामायण में किसी पात्र ने श्रीराम की शक्ति का आवाहन किया, कहीं माता सीता की महिमा बताई, संसार को परिभाषित किया या प्रभु ने स्वयं जीवनमूल्य सिखाए

रथ सप्तमी का महात्म्य, पर्व की प्रथाएँ, 2024 की तिथि

रथ सप्तमी के दिन सूर्यदेव सात घोड़ों वाले अपने रथ को सारथी अरुणा के साथ उत्तरी गोलार्ध की ओर उत्तर-पूर्व दिशा में मोड़ते हैं जिससे ऋतु परिवर्तन होता है

कालाष्टमी ऐसे मनाएँ — महात्म्य, तिथि, समय, अनुष्ठान

शिव-स्वरूप भगवान् कालभैरव की महिमा, 2 फरवरी 2024 को कालाष्टमी कितने बजे से कितने बजे तक रहेगी, तिथि में पूजा के लिए अनुष्ठान आदि आवश्यक सूचनाएँ

Why Stitched Clothes Not Worn While Performing Vedic Rituals

Hindu practices such as clothes, accessories, ornaments and symbols generally are not constrained in sampradayas of Brahmana, but…

More like this

Jhatka, not halal, food for non-veg Hindu: Giriraj Singh

If Asaduddin Owaisi urges Muslims to adhere to Islam and there is no controversy, why should there his appeal to Hindus to be religious cause a furore, the BJP MP asks in the context of jhatka

Hindu girls raped wherever demographics change: Bengal BJP head

Sukanta Majumdar warns Hindu women across Bengal to not drop their guard, believing Sandeshkhali is a distant story, as it may be their neighbourhood's turn next

INC government in Karnataka levies tax on temples

President of Karnataka BJP Vijayendra Yediyurappa said that the INC government intended to implement anti-Hindu measures to replenish its empty coffers